Jump to content

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

विकिपीडिया से
(एआई से अनुप्रेषित)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) चाहे संछेप में एआइ (AI), ब्यापक अरथ में देखल जाय, त मशीन, बिसेस रूप से कंप्यूटर द्वारा देखावल जाये वाली बुद्धिमानी माने की, किरतिम अकिल बाटे। आज्काल्ह लगभग हर फ़ील्ड में एआइ क इस्तमाल होखे लागल बा। कई सारा वेब सर्च इंजन, बिबिध किसिम के सॉफ्टवेयर आ अउरी कई क्षेत्र में एआइ क इस्तेमाल हो रहल बाटे। चैट जीपीटी जेनेरेटिव एआइ क उदाहरण बाटे। कलाकृति बनावे वाला एआइ के क्रिएटिव एआइ के नाँव से जानल जा रहल बा जे बिबिध किसिम के चित्र आ फोटो बनावे में सक्षम बा।

कंप्यूटर साइंस के रिसर्च के छेतरो हवे जे अइसन तरीका आ सॉफ्टवेयर सभ के बिकास आ पढ़ाई करेला जेकरा से मसीन सभ के आपन पर्यावरण के बोध करे मे, सक्षम बनावे में आ सीखले आ बुद्धी के इस्तेमाल से जईसन काम करे मे सक्षम बनावेला। एहसे परिभासित लछ हासिल करे के संभावना के अधिका कइल जा सकेला। [1] अइसन मसीन के एआई कहल जा सकेला।

एआई के हाई-प्रोफाइल एप्लीकेशन सभ में एडवांस वेब सर्च इंजन (जइसे कि, गूगल जोह ); सिफारिश सिस्टम ( यूट्यूब, अमेजन, आ नेटफ्लिक्स दवारा इस्तेमाल कइल जाला); वर्चुअल असिस्टेंट (जइसे कि, गूगल असिस्टेंट, सिरी, आ एलेक्सा ); स्वायत्त वाहन (जइसे कि, वेमो); जनरेटिव आ क्रिएटिव टूल (जइसे कि, चैटजीपीटी आ एआई आर्ट ); आ रननीति खेल सभ मे अलौकिक खेल आ बिस्लेसन (जइसे कि सतरंज आ अइसने अउरी)। अइसे तऽ कईगो एआई एप्लीकेशन सभ के एआई के रूप मे ना मानल जाला: "बहुते नवका एआई सभ के आम एप्लीकेशन सभ में छाँटल गइल बा, हरदम बिना एआई कहल गइल काहें से कि एक बेर कवनो चीज के ढेर इस्तेमाल हो जाएला तऽ उ काफी आम हो जाला तब ओकरा पर अब एआई के लेबल ना लगावल जाला।" [2] [3]

एआई रिसर्च के बिबिध उपछेतर सभ खास लक्ष्य आ बिसेस टूल सभ के इस्तेमाल के लगे केंद्रित होलें। एआई सोध के परंपरा अनुसार लछ मे तरक, ज्ञान प्रतिनिधित्व, योजना, सीखल, परकिरतिक भासा सनसाधन, धारना, आ रोबोटिक्स के समर्थन जुड़ल बा। आम अकिल— इंसान के छमता जेतना आ ओकरा बराबर कवनो काज करे कऽ पूरा करे खातिर --- ई छेतर के लमहर लछ हऽ। एह लछन तक चहुँपे खातिर एआई पऽ सोध करे आला लोग केतना तर के तकनीक के अनुकूलित आ एकोरा कइले बा, जवना में जोह आ गणितीय अनुकूलन, औपचारिक तर्क, किरतिम न्यूरल नेटवर्क, आ सांख्यिकी, संचालन अनुसंधान, आ अर्थशास्त्र पर आधारित तरीका जुड़ल बा। एआई अउरी छेतर मे भी जोगदान देवेला जइसे मनोबिज्ञान, भासाई, दर्शन, तंतरिका बिग्यान अउरी दोसर छेतर।

किरतिम अकिल के असथापना 1956 में एगो अकादमिक बिसय के रूप में भइल, आ ई क्षेत्र आपन सगरी इतिहास मे आसावाद के कई गो घुमरिया से गुजरल,[4] एकरे बाद निरासा आ फंडिंग के नुकसान के दउर आइल, जेकरा के एआई विंटर के नाँव से जानल जाला। 2012 के बाद फंडिंग आ बेयाज मे बहुते बढ़वती भइल जब गहिरा सीखल पहिले के एआई तकनीक सभ से नीक परदरसन कइलस। ई बढ़वती 2017 के बाद ट्रांसफार्मर आर्किटेक्चर के साथ अउरी तेजी से बढ़ल [5] आ 2020 के दसक के सुरुआत ले एआई में बहुते अरब डॉलर के निबेस भइलस आ एह छेतर मे तेजी से चलत परगति भइल जेकरा के एआई बूम के नाँव से जानल जाला।

संदर्भ

  1. Russell & Norvig (2021).
  2. AI set to exceed human brain power Archived 2008-02-19 at the Wayback Machine CNN.com (July 26, 2006)
  3. Kaplan, Andreas; Haenlein, Michael (2019). "Siri, Siri, in my hand: Who's the fairest in the land? On the interpretations, illustrations, and implications of artificial intelligence". Business Horizons. 62: 15–25. doi:10.1016/j.bushor.2018.08.004. ISSN 0007-6813. S2CID 158433736.
  4. Successful programs of the 1960s: McCorduck (2004, pp. 243–252), Crevier (1993, pp. 52–107), Moravec (1988, p. 9), Russell & Norvig (2021, pp. 19–21)
  5. Toews (2023).