अखर तिजिया
अखर तिजिया (संस्कृत: अक्षय तृतीया), जे कुछ इलाकन में आखा तीज के नाँव से भी जानल जाला, हिंदू आ जैन धर्म के एगो सालाना बसंत के परब-तिहुआर ह। ई हिंदू पंचांग के बइसाख महीना के अँजोर पाख के तिसरी तिथि (तीज) के मनावल जाला। बहुत लोग ए दिन के बहुत शुभ मानेला। एह दिन लोग चाउर किने ला, सोना कीने ला, बैंक खाता में रुपिया जमा करे ला, नया सामान भा बर्तन खरीदे ला, मंदिर जाला, गरीब लोग के भोजन दान करे ला, आ पढ़ाई खातिर जरूरतमंद विद्यार्थी लोग के आर्थिक मदद करे ला।
अक्षय तृतीया हिंदू आ जैन, दुनु धर्म के पंचांग में सबसे शुभ दिन सभ में से एगो मानल जाला। मान्यता बा कि एह दिन श्रद्धा, पूजा, उपवास, दान-पुण्य भा कवनो नया काम के शुरुआत करे से मिलल आध्यात्मिक पुण्य अक्षय यानी कभी खत्म ना होखे वाला होला। विद्वान मिल्टन के अनुसार, अधिकांश हिंदू पर्वन से अलग, अक्षय तृतीया मनावे खातिर कवनो खास ज्योतिषीय संयोग के जरूरत ना पड़े। एह कारण एकरा के हिंदू पंचांग के गिनल-चुनल स्वयंसिद्ध (अपने आप में सिद्ध) शुभ मुहूर्त सभ में से एगो मानल जाला।
एह दिन भारत के अलग-अलग इलाकन आ समुदायन में बियाह, नया कारोबार के शुरुआत, दान-पुण्य आ दिवंगत परिजनन के स्मरण में धार्मिक कर्मकांड जइसन कई गो शुभ काम कइल जाला।
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