खिचड़ी के खिंचखाँच
भोजपुरी विकिपीडिया से
पेट अइसन चीज हS की कबो नाहीं भरेला। कहले के मतलब इ बा की जीवित रहे खातिर हरदम खाए के परेला। कबो-कबो खइले की बादो लोग कहेला कि पूरा भरपेट खइनीहS। अब नाहीं खाइबी काहें की पेट भरी गइल बा। कुछ तिउहार खाए खातिर ही बनावल गइल बा। आपन पुरनिया लोग कब-कब दबा के खा अउरी ओ लोगन के पेट कब भरे, उहे सुनावतानी-
खिचड़ी के खिंचखाँच,
फगुआ के बरी,
नमी के नौ रोटी,
तबे पेट भरी।
साभार--http://pandiji.blogspot.com/